Bihar Rajya Fasal Sahayata Yojana 2026: फसल खराब होने पर मिलेगी ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता!

बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना शुरू की है। यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विकल्प है और इसमें किसानों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना पड़ता। बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर सरकार सीधे किसानों के खाते में मुआवजा राशि ट्रांसफर करती है। इस लेख में हम आपको इस योजना की पूरी जानकारी, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना क्या है?

बिहार राज्य फसल सहायता योजना बिहार सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है। यह योजना 2018 में शुरू की गई थी और तब से लाखों किसानों को फसल नुकसान पर मुआवजा मिल चुका है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल का नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

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योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। यह पूरी तरह से निःशुल्क है। किसान को बस अपनी फसल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होता है और अगर फसल खराब होती है तो सरकार खुद मुआवजा देती है।

योजना के तहत 20% तक फसल नुकसान होने पर ₹7,500 प्रति हेक्टेयर और 20% से अधिक नुकसान होने पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है।

योजना की मुख्य विशेषताएं

कोई प्रीमियम नहीं: किसानों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम या शुल्क नहीं देना पड़ता। यह पूरी तरह निःशुल्क योजना है।

दो स्तर पर मुआवजा:

  • 20% तक फसल नुकसान: ₹7,500 प्रति हेक्टेयर
  • 20% से अधिक फसल नुकसान: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर

सभी फसलें कवर: धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जियां और अन्य सभी प्रमुख फसलें शामिल हैं।

खरीफ और रबी दोनों सीजन: दोनों मौसमों में बोई गई फसलों के लिए सुरक्षा।

ऑनलाइन आवेदन: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

DBT के माध्यम से भुगतान: राशि सीधे किसान के बैंक खाते में आती है।

2 हेक्टेयर तक की सीमा: एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए मुआवजा पा सकता है।

रैयत और गैर-रैयत दोनों: जमीन के मालिक और किरायेदार किसान दोनों आवेदन कर सकते हैं।

योजना के उद्देश्य

किसानों की आर्थिक सुरक्षा: प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से किसानों को बचाना।

आत्महत्या रोकना: फसल खराब होने से निराश किसानों को आर्थिक सहायता देकर आत्महत्या की घटनाओं को कम करना।

कृषि को बढ़ावा: किसानों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना।

सामाजिक सुरक्षा: किसान परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।

पारदर्शिता: योजना को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना।

त्वरित सहायता: आपदा के बाद जल्द से जल्द किसानों को मदद पहुंचाना।

योजना के लाभ

निःशुल्क सुरक्षा: बिना किसी खर्च के फसल सुरक्षा।

तत्काल राहत: फसल नुकसान के सत्यापन के बाद जल्द मुआवजा।

सभी प्राकृतिक आपदाएं कवर: बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, आंधी-तूफान, कीट-रोग आदि सभी शामिल।

आसान प्रक्रिया: ऑनलाइन आवेदन से घर बैठे रजिस्ट्रेशन।

सीधे खाते में राशि: कोई बिचौलिया नहीं, पैसा सीधे बैंक खाते में।

दोनों सीजन में लाभ: खरीफ और रबी दोनों में अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं।

किरायेदार किसान भी लाभ: जमीन के मालिक न होने पर भी मुआवजा मिल सकता है।

आर्थिक स्थिरता: फसल खराब होने पर भी परिवार की आर्थिक स्थिति बनी रहती है।

योजना के लिए पात्रता

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

बिहार का निवासी: आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।

किसान होना जरूरी: आवेदक खेती करने वाला किसान होना चाहिए।

रैयत और गैर-रैयत दोनों:

  • रैयत किसान: जिनके नाम पर जमीन है
  • गैर-रैयत किसान: जो किराए पर या बटाई पर खेती करते हैं

फसल की बुवाई: आवेदन के समय फसल बोई जा चुकी होनी चाहिए।

2 हेक्टेयर की सीमा: एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए आवेदन कर सकता है।

बैंक खाता अनिवार्य: आधार से लिंक बैंक खाता होना जरूरी है।

मोबाइल नंबर: आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना चाहिए।

पिछली योजना में नहीं: जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ली है, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।

आवश्यक दस्तावेज

योजना में आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:

रैयत किसानों के लिए:

  • आधार कार्ड
  • भूमि के कागजात (खसरा-खतौनी, LPC)
  • बैंक खाता विवरण (पासबुक का पहला पेज)
  • निवास प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

गैर-रैयत किसानों के लिए:

  • आधार कार्ड
  • स्व-घोषणा प्रमाण पत्र (Self Declaration Certificate)
  • बैंक खाता विवरण
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जमीन मालिक की सहमति (यदि संभव हो)
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

बिहार राज्य फसल सहायता योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

सबसे पहले बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://paccs.bihar.gov.in या https://dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं।

स्टेप 2: रजिस्ट्रेशन करें

होमपेज पर “किसान पंजीकरण” या “Farmer Registration” लिंक पर क्लिक करें।

पहली बार आवेदन कर रहे हैं:

  • “Register” या “पंजीकरण” विकल्प चुनें
  • आधार नंबर दर्ज करें
  • “Authenticate” बटन पर क्लिक करें
  • आधार लिंक मोबाइल पर OTP आएगा
  • OTP दर्ज करके वेरिफाई करें

स्टेप 3: व्यक्तिगत जानकारी भरें

रजिस्ट्रेशन फॉर्म में निम्नलिखित जानकारी भरें:

  • नाम (आधार के अनुसार)
  • पिता का नाम
  • माता का नाम
  • जन्म तिथि
  • लिंग
  • वर्ग (सामान्य, SC, ST, OBC)
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल (यदि हो)
  • पूरा पता

स्टेप 4: बैंक विवरण दर्ज करें

  • बैंक का नाम
  • शाखा का नाम
  • खाता संख्या
  • IFSC कोड
  • खाताधारक का नाम

स्टेप 5: भूमि की जानकारी भरें

रैयत किसानों के लिए:

  • जिला, प्रखंड, पंचायत, गांव चुनें
  • खसरा नंबर दर्ज करें
  • कुल रकबा (क्षेत्रफल)
  • फसल का नाम

गैर-रैयत किसानों के लिए:

  • स्व-घोषणा पत्र अपलोड करें
  • खेती की जमीन का विवरण दें
  • जमीन मालिक का नाम (यदि पता हो)

स्टेप 6: दस्तावेज अपलोड करें

निम्नलिखित दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें:

  • आधार कार्ड (PDF format, 400 KB से कम)
  • बैंक पासबुक (PDF format, 400 KB से कम)
  • खसरा खतौनी या स्व-घोषणा पत्र
  • फोटो (JPG format, 50 KB से कम)

स्टेप 7: फसल सहायता योजना में आवेदन

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद:

  • “फसल सहायता योजना” लिंक पर क्लिक करें
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें
  • खरीफ या रबी सीजन चुनें
  • बोई गई फसल का नाम चुनें
  • बुवाई की तारीख दर्ज करें
  • फसल क्षेत्र (हेक्टेयर में) दर्ज करें

स्टेप 8: घोषणा और सबमिट

  • सभी जानकारी सही होने की घोषणा करें
  • “Submit” बटन पर क्लिक करें
  • आपको एक एप्लीकेशन नंबर मिलेगा
  • रसीद का प्रिंट निकाल लें

स्टेप 9: सत्यापन

आपके आवेदन का सत्यापन किया जाएगा:

  • जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जांच
  • भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन
  • फसल सर्वे के दौरान निरीक्षण

स्टेप 10: मुआवजा प्राप्ति

अगर फसल नुकसान होता है:

  • सरकारी अधिकारी सर्वे करेंगे
  • नुकसान का आकलन होगा
  • 30-45 दिनों में मुआवजा बैंक खाते में आ जाएगा

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?

आवेदन करने के बाद स्थिति इस प्रकार देख सकते हैं:

ऑनलाइन:

  • paccs.bihar.gov.in या dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं
  • “Application Status” या “आवेदन की स्थिति” पर क्लिक करें
  • रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें
  • स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी

SMS: रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर समय-समय पर अपडेट आते रहेंगे।

ईमेल: यदि आपने ईमेल दिया है तो उस पर भी अपडेट मिलेगा।

महत्वपूर्ण तिथियां

खरीफ सीजन (धान, मक्का आदि):

  • आवेदन शुरू: अप्रैल-मई
  • आवेदन की अंतिम तिथि: जुलाई के अंत तक
  • फसल की कटाई: सितंबर-अक्टूबर
  • मुआवजा वितरण: नवंबर-दिसंबर

रबी सीजन (गेहूं, दलहन आदि):

  • आवेदन शुरू: अक्टूबर-नवंबर
  • आवेदन की अंतिम तिथि: दिसंबर के अंत तक
  • फसल की कटाई: मार्च-अप्रैल
  • मुआवजा वितरण: अप्रैल-मई

नोट: सही तिथियों की जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

कवर की जाने वाली फसलें

खरीफ सीजन:

  • धान (Paddy)
  • मक्का (Maize)
  • ज्वार (Jowar)
  • बाजरा (Bajra)
  • अरहर (Arhar/Tur)
  • मूंग (Moong)
  • उड़द (Urad)
  • सोयाबीन (Soyabean)
  • मूंगफली (Groundnut)
  • तिल (Sesame)
  • मौसमी सब्जियां

रबी सीजन:

  • गेहूं (Wheat)
  • चना (Gram)
  • मसूर (Lentil)
  • मटर (Pea)
  • सरसों (Mustard)
  • अलसी (Linseed)
  • सूरजमुखी (Sunflower)
  • आलू (Potato)
  • प्याज (Onion)
  • मौसमी सब्जियां

कवर की जाने वाली आपदाएं

योजना में निम्नलिखित प्राकृतिक आपदाओं को कवर किया जाता है:

  • बाढ़ (Flood)
  • सूखा (Drought)
  • ओलावृष्टि (Hailstorm)
  • आंधी-तूफान (Storm)
  • चक्रवात (Cyclone)
  • अतिवृष्टि (Heavy Rainfall)
  • जलभराव (Waterlogging)
  • भूस्खलन (Landslide)
  • कीट-रोग का प्रकोप (Pest Attack)
  • आग लगना (Fire)

महत्वपूर्ण बातें जो ध्यान रखें

समय पर आवेदन: निर्धारित तिथि से पहले आवेदन जरूर करें। देर से आवेदन स्वीकार नहीं होता।

सही जानकारी दें: गलत या झूठी जानकारी देने पर आवेदन रद्द हो सकता है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

दस्तावेज स्पष्ट रखें: स्कैन किए गए दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए।

एक सीजन एक आवेदन: हर सीजन में अलग से आवेदन करना होता है।

रसीद संभालें: आवेदन की रसीद सुरक्षित रखें।

मोबाइल नंबर सक्रिय रखें: आधार लिंक मोबाइल नंबर हमेशा चालू रखें।

बैंक खाता: बैंक खाता आधार से लिंक और सक्रिय होना चाहिए।

फसल सर्वे में सहयोग: सरकारी अधिकारी आपके खेत का निरीक्षण करने आएं तो पूरा सहयोग करें।

कोई बिचौलिया नहीं: किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। योजना पूरी तरह निःशुल्क है।

हेल्पलाइन और संपर्क जानकारी

योजना से संबंधित किसी भी सहायता के लिए:

टोल फ्री नंबर: 1800-345-6290

ईमेल: dbtagriculture@gmail.com

वेबसाइट: https://paccs.bihar.gov.in, https://dbtagriculture.bihar.gov.in

जिला कृषि कार्यालय: अपने जिले के कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें

ब्लॉक स्तर: प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) से संपर्क करें

सहकारिता विभाग: बिहार सरकार, पटना

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इस योजना में प्रीमियम देना पड़ता है? नहीं, यह योजना पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना होता।

क्या किरायेदार किसान भी आवेदन कर सकते हैं? हां, गैर-रैयत (किरायेदार) किसान भी स्व-घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं।

अधिकतम कितनी जमीन के लिए मुआवजा मिलता है? एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए मुआवजा पा सकता है।

मुआवजा कब तक मिल जाता है? फसल नुकसान के सर्वे और सत्यापन के बाद 30-45 दिनों में राशि बैंक खाते में आ जाती है।

क्या PM फसल बीमा योजना के साथ ले सकते हैं? नहीं, दोनों में से केवल एक योजना का लाभ लिया जा सकता है।

निष्कर्ष

बिहार राज्य फसल सहायता योजना 2026 किसानों के लिए एक वरदान है। यह योजना बिना किसी खर्च के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करती है। अगर आप बिहार के किसान हैं, तो इस योजना में जरूर रजिस्ट्रेशन करवाएं। हर सीजन की शुरुआत में आवेदन करें और अपनी फसल को सुरक्षित रखें। याद रखें, समय पर आवेदन करना बहुत जरूरी है। देर से आवेदन स्वीकार नहीं होता। किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 1800-345-6290 पर संपर्क करें। आइए मिलकर बिहार की कृषि को मजबूत बनाएं और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करें!